Category: learn sankhya Yoga,
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प्रथम तीर्थंकर
सबसे पहले जवाब दिया गया: जैन धर्म के पहले तीर्थंकर कौन है?जैन दर्शन के अनुसार एक काल-चक्र में बारह आरे ( यानि भाग ) होते हैं। ऐसे अनन्तानन्त काल-चक्र बीत चुके हैं और अनन्तानन्त कालचक्र भविष्यकाल में भी होंगे। एक कालचक्र के मुख्यतया की अपेक्षा से दो विभाग माने जाते हैं – अवसर्पिणी काल और…
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क्यों लेना पड़ा था भगवान विष्णु को वराह अवतार, वराह जयंती पर जानिये इस दिन का इतिहास और महत्व | Jansatta
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शब्द ब्रह्म के शब्द
हयशीर्षा:- भद्राश्ववर्ष में धर्मपुत्र भद्रश्रवा और उनके मुख्य सेवक भगवान वासुदेव की है हयग्रीव संज्ञक धर्ममयी प्रिय मूर्ति को अत्यंत समाधि निष्ठा के द्वारा हृदय में स्थापित कर इस मंत्र का जाप करते हुए इस प्रकार स्तुति करते हैं। भगवते :-चित्त को विशुद्ध करने वाले ओंकार स्वरूप भगवान धर्म को नमस्कार है। धर्माय:- आत्म विशोधनाय…
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शब्द ब्रह्म के शब्द
शब्द ब्रह्म के शब्द जहां तक सूर्य का प्रकाश है और तारागढ़ तारागढ़ के सहित चंद्र देव देख पढ़ते हैं वहां तक आपने भूमंडल का विस्तार बतलाया है। उसमें भी आपने बतलाया कि महाराज प्रियवत के व्रत के पहियों के साथ लिखो से सात समुद्र बन गए थे जिनके कारण इस भूमंडल में सात दीपों…
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