शब्द ब्रह्म के शब्द जहां तक सूर्य का प्रकाश है और तारागढ़ तारागढ़ के सहित चंद्र देव देख पढ़ते हैं वहां तक आपने भूमंडल का विस्तार बतलाया है। उसमें भी आपने बतलाया कि महाराज प्रियवत के व्रत के पहियों के साथ लिखो से सात समुद्र बन गए थे जिनके कारण इस भूमंडल में सात दीपों का विभाग हुआ।अतः भगवान अब मैं इन सब का परिमाण और लक्षणों के सहित पूरा विवरण जानना चाहता हूं
तीसरा क्योंकि जो मन भगवान के इस गुण में स्थल विग्रह में लग सकता है उसी का उनकी वासुदेव संज्ञा स्वयं प्रकाश निर्गुण ब्रह्म रूप सूक्ष्म उत्तम स्वरूप में भी लगा संभव है अतः गुरुवार इस विषय का विशुद्ध रूप से वर्णन करने की कृपा कीजिए।
